कौन थे NCP नेता रामावतार जग्गी? विद्याचरण शुक्ल के वो 'खास' जिनकी हत्या ने बदल दी छत्तीसगढ़ की सियासत

RAIPUR KI BAAT
0

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में 4 जून 2003 को भूचाल ला दिया था, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी और एनसीपी के प्रदेश कोषाध्यक्ष व कद्दावर राजनेता रामावतार जग्गी का मर्डर हुआ था। यह हत्या छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहला पॉलिटिकल मर्डर कहलाता है। जानिये आखिर कौन थे रामावतार जग्गी जिनकी हत्या में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी के नाम आए थे। क्यों 23 साल बाद फिर अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ की सियासत के इतिहास में 4 जून 2003 रात और तारीख को राजनीति में काली रात कहा जाता है। जिसने राज्य की राजनीति की दिशा और दशा हमेशा के लिए बदल दी। एनसीपी नेता और राजनीति का बड़ा नाम कहलाने वाले रामावतार जग्गी जो न केवल एक सफल कारोबारी थे, बल्कि पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के सबसे भरोसेमंद और दाहिने हाथ माने जाते थे। उनकी हत्याा कर दी गई थी।

कौन थे रामावतार जग्गी, क्यों उनकी हत्या की गई

दरअसल रामावतार जग्गी का कद राजनीति में विद्याचरण शुक्ल के साथ उनके पारिवारिक संबंध और जुड़ाव से तय होता था। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में गए तो जग्गी उनके सबसे मजबूत साथी बनकर सामने आए थे। शुक्ल ने उन्हें छत्तीसगढ़ NCP का प्रदेश कोषाध्यक्ष बनाया। जग्गी का काम केवल फंड मैनेज करना नहीं था, बल्कि 2003 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वे राज्य भर में NCP के संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा कर रहे थे।

Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

you are welcome. Check Out
Ok, Go it!
To Top